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बच्चों का मोबाइल कैसे छुड़ाएँ? 9 तरीके जो काम करते हैं

By payalk.in डेस्क-21 अक्टूबर 20264 मिनट

मोबाइल दिखाकर खाना खिलाना और रोते बच्चे को चुप कराना आसान लगता है, पर धीरे-धीरे यह आदत बन जाती है। जानिए बच्चों के लिए कितना स्क्रीन टाइम ठीक है और बिना डाँटे मोबाइल की आदत कम करने के 9 असरदार तरीके।

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खाना खिलाना हो तो मोबाइल पर कार्टून, बच्चा रोए तो मोबाइल, मेहमान आएँ तो मोबाइल। शुरुआत में यह थकी हुई माँ के लिए दो मिनट की राहत होती है, पर कुछ महीनों में बच्चा मोबाइल के बिना न खाता है, न सोता है, और फोन छीनने पर ज़ोर-ज़ोर से रोने लगता है।

अगर यह आपके घर की कहानी है, तो खुद को दोष मत दीजिए। आज लगभग हर घर इसी से जूझ रहा है। अच्छी खबर यह है कि बच्चों की आदतें जितनी जल्दी बनती हैं, सही तरीके से उतनी ही जल्दी बदल भी सकती हैं।

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बच्चों के लिए कितना स्क्रीन टाइम ठीक है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह के अनुसार:

उम्र स्क्रीन टाइम
1 साल से कम बिल्कुल नहीं
1 से 2 साल 1 साल के बच्चे के लिए नहीं; 2 साल के लिए 1 घंटे से ज़्यादा नहीं, जितना कम उतना अच्छा
3 से 4 साल दिन में 1 घंटे से ज़्यादा नहीं, जितना कम उतना अच्छा

बड़े बच्चों के लिए कोई एक तय संख्या नहीं है, पर ज़रूरी यह है कि मोबाइल नींद, पढ़ाई, बाहर खेलने और परिवार के साथ समय की जगह न ले। दादा-दादी या पापा से वीडियो कॉल पर बात करना अलग चीज़ है, उसे इस गिनती में बहुत सख्ती से नहीं गिना जाता।

ज़्यादा स्क्रीन से क्या दिक्कत हो सकती है

  • नींद खराब होना, खासकर सोने से पहले मोबाइल देखने पर।
  • बोलने में देर, क्योंकि छोटे बच्चे बात करना इंसानों से बातचीत करके सीखते हैं, स्क्रीन से नहीं।
  • चिड़चिड़ापन और ध्यान न लगना।
  • शारीरिक खेल कम होना और आँखों पर ज़ोर।

मोबाइल की आदत छुड़ाने के 9 तरीके

1. एकदम से नहीं, धीरे-धीरे

अचानक पूरा बंद करने से बच्चा ज़िद और रोना बढ़ा देता है। हर हफ्ते स्क्रीन का समय थोड़ा-थोड़ा घटाइए, जैसे 2 घंटे से डेढ़ घंटा, फिर 1 घंटा।

2. खाने के समय मोबाइल बंद

यह सबसे ज़रूरी नियम है। खाना खिलाते समय बच्चे से बात करें, खाने के रंग और स्वाद के बारे में पूछें, कहानी सुनाएँ। शुरू के कुछ दिन बच्चा कम खाएगा या नखरे करेगा, यह सामान्य है। भूख लगने पर वह खाना सीख जाएगा।

3. घर में मोबाइल-मुक्त जगहें

खाने की मेज़ और सोने का कमरा मोबाइल-मुक्त रखें। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन बंद।

4. पहले खुद बदलिए

बच्चे वो नहीं करते जो हम कहते हैं, वो करते हैं जो हम करते हैं। अगर माँ-पापा हर वक्त फोन में हैं, तो बच्चे को रोकना मुश्किल है। बच्चे के साथ बैठते समय अपना फोन दूसरे कमरे में रखें।

5. मोबाइल की जगह कुछ और दीजिए

खाली जगह भरनी पड़ेगी। रंग भरने की किताब, मिट्टी या आटे से खिलौने बनाना, ब्लॉक्स, पज़ल, कहानी की किताबें, रसोई में छोटा सा काम, बालकनी में पौधों को पानी देना, बच्चे को ऐसे काम दीजिए जिनमें हाथ और दिमाग दोनों चलें।

6. बाहर खेलने का पक्का समय

हर दिन कम से कम एक घंटा पार्क, छत या आँगन में खेलने का समय तय करें। थका हुआ बच्चा मोबाइल कम माँगता है और नींद भी अच्छी आती है।

7. नियम पहले से बताएँ

बड़े बच्चों के साथ बैठकर नियम बनाइए, जैसे होमवर्क के बाद 30 मिनट या सिर्फ़ शनिवार-रविवार को कार्टून। टाइमर लगाएँ और खत्म होने से 5 मिनट पहले बता दें, ताकि अचानक फोन छिनने जैसा न लगे।

8. मोबाइल को इनाम या सज़ा न बनाएँ

हर अच्छे काम पर मोबाइल देना या हर गलती पर छीन लेना मोबाइल को और कीमती बना देता है। इनाम के रूप में पार्क जाना, पसंदीदा खाना या साथ खेलना बेहतर है।

9. जो देखें, साथ देखें

जब स्क्रीन देखें तो उम्र के हिसाब से अच्छे कार्यक्रम चुनें और हो सके तो साथ बैठकर देखें, उनके बारे में बात करें। ऑटो-प्ले बंद करें और बच्चों वाले ऐप में पैरेंटल कंट्रोल चालू रखें।

शुरू के दिनों में क्या उम्मीद करें

पहले 1-2 हफ्ते बच्चा रोएगा, गुस्सा करेगा और बार-बार फोन माँगेगा। यह सबसे मुश्किल समय है, पर यहीं डटे रहना ज़रूरी है। घर के सभी बड़ों, खासकर दादा-दादी को भी नियम बता दें, ताकि कोई चुपके से फोन न दे दे। आम तौर पर 2-3 हफ्तों में बच्चा नई आदत में ढलने लगता है।

कब डॉक्टर से बात करें

अगर बच्चा 2 साल का होने पर भी बहुत कम बोलता है, नाम पुकारने पर जवाब नहीं देता, आँख नहीं मिलाता, या मोबाइल छिनने पर बहुत ज़्यादा और लंबे समय तक गुस्सा करता है, तो बच्चों के डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।

आखिरी बात

मोबाइल को पूरी तरह दुश्मन बनाने की ज़रूरत नहीं, बस उसकी जगह तय करनी है। खाने की मेज़ पर बातें, सोने से पहले कहानी और शाम को पार्क, ये तीन आदतें शुरू कर दीजिए। बच्चे को सबसे ज़्यादा ज़रूरत स्क्रीन की नहीं, आपके समय की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2 साल के बच्चे को कितना मोबाइल दिखाना चाहिए?

WHO की सलाह के अनुसार 2 साल के बच्चे के लिए स्क्रीन टाइम दिन में 1 घंटे से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, और जितना कम हो उतना अच्छा।

मोबाइल के बिना बच्चा खाना नहीं खाता, क्या करें?

खाने के समय मोबाइल बिल्कुल बंद करें, बच्चे से बात करें और कहानी सुनाएँ। शुरू के कुछ दिन नखरे होंगे, पर भूख लगने पर बच्चा खाना सीख जाता है।

बच्चों का मोबाइल एकदम छीन लेना ठीक है?

अचानक छीनने से ज़िद बढ़ती है। धीरे-धीरे समय घटाएँ, पहले से नियम बताएँ और मोबाइल की जगह खेल और गतिविधियाँ दें।

क्या वीडियो कॉल भी स्क्रीन टाइम में गिनी जाती है?

परिवार के साथ वीडियो कॉल पर बात करना कार्टून देखने से अलग है, क्योंकि इसमें बातचीत होती है। फिर भी छोटे बच्चों के लिए कुल समय कम रखें।

स्क्रीन की आदत छूटने में कितना समय लगता है?

आम तौर पर पहले 1-2 हफ्ते मुश्किल होते हैं और 2-3 हफ्तों में बच्चा नई आदत में ढलने लगता है, बशर्ते घर के सभी लोग नियम मानें।

स्रोत: WHO: Guidelines on physical activity, sedentary behaviour and sleep for children under 5

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