इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। इस दिन सोना, चाँदी या बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है और देश भर की ज्वेलरी दुकानों पर भीड़ उमड़ती है। पर आज सोना खरीदने का मतलब सिर्फ़ गहने नहीं रहा। मोबाइल ऐप पर 10 रुपये का डिजिटल गोल्ड भी मिलता है और शेयर बाज़ार में गोल्ड ETF भी।
सही तरीका आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है: आप पहनने के लिए खरीद रहे हैं, शगुन के लिए या निवेश के लिए। नीचे चारों तरीकों का सीधा फर्क है।
1. सोने के गहने
पहनने और परंपरा के लिहाज़ से गहने सबसे पसंदीदा हैं, पर निवेश के रूप में इनकी कुछ कमियाँ हैं।
- मेकिंग चार्ज: गहने बनाने की मज़दूरी अलग से लगती है, जो डिज़ाइन के हिसाब से सोने की कीमत का अच्छा-खासा हिस्सा हो सकती है। बेचते समय यह पैसा वापस नहीं मिलता।
- GST: फिलहाल सोने की कीमत पर 3 प्रतिशत GST और मेकिंग चार्ज पर अलग से GST लगता है।
- बेचते समय कटौती: पुराने गहने बेचने या बदलने पर ज्वेलर कुछ कटौती कर सकता है।
कब सही: जब आप सच में पहनने के लिए खरीद रहे हों। निवेश के लिए गहने सबसे महँगा तरीका है।
2. सोने के सिक्के और बिस्किट
शगुन और छोटे निवेश के लिए सिक्के अच्छा विकल्प हैं। इनमें मेकिंग चार्ज गहनों से कम होता है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सिक्का लें और बिल ज़रूर लें। बैंक से खरीदे सिक्के आम तौर पर बैंक वापस नहीं खरीदते, इसलिए बेचने की सुविधा के बारे में पहले पूछ लें।
3. डिजिटल गोल्ड
कई मोबाइल और पेमेंट ऐप 10 रुपये या 100 रुपये से भी सोना खरीदने की सुविधा देते हैं। आप पैसे देते हैं और कंपनी उतना सोना आपके नाम से वॉल्ट में रखने का दावा करती है।
- फायदा: बहुत छोटी रकम से शुरुआत, कभी भी खरीद-बिक्री, चाहें तो बाद में सिक्के के रूप में डिलीवरी।
- ज़रूरी सावधानी: डिजिटल गोल्ड को सेबी (SEBI) या रिज़र्व बैंक जैसे किसी वित्तीय नियामक के दायरे में नियंत्रित उत्पाद नहीं माना जाता। SEBI ने भी निवेशकों को इसके जोखिम के बारे में आगाह किया है। यानी कंपनी में दिक्कत होने पर आपकी सुरक्षा के लिए वैसा नियामक ढाँचा नहीं है जैसा ETF या म्यूचुअल फंड में होता है।
- खरीद पर GST और खरीद-बिक्री की कीमत में अंतर (स्प्रेड) भी लगता है।
कब सही: छोटी-छोटी रकम से शौकिया तौर पर, पर बड़ी रकम लगाने से पहले जोखिम समझें।
4. गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड
गोल्ड ETF शेयर बाज़ार में शेयर की तरह खरीदे-बेचे जाते हैं और इनका हर यूनिट असली सोने से जुड़ा होता है। ये SEBI द्वारा नियंत्रित होते हैं।
- फायदा: मेकिंग चार्ज नहीं, शुद्धता की चिंता नहीं, बाज़ार भाव पर कभी भी बेच सकते हैं।
- ज़रूरत: ETF खरीदने के लिए डीमैट और ट्रेडिंग खाता चाहिए। डीमैट नहीं है तो गोल्ड म्यूचुअल फंड (जो गोल्ड ETF में पैसा लगाते हैं) में SIP से भी निवेश हो सकता है।
- थोड़ा खर्च (एक्सपेंस रेशियो) और ब्रोकरेज लगता है।
कब सही: जब मकसद सिर्फ़ निवेश हो और आप सोना पहनने के लिए नहीं, कीमत बढ़ने के लिए खरीद रहे हों।
चारों की तुलना एक नज़र में
| तरीका |
मेकिंग चार्ज |
शुद्धता की चिंता |
नियामक |
किसके लिए |
| गहने |
ज़्यादा |
हॉलमार्क देखना ज़रूरी |
BIS हॉलमार्क |
पहनने के लिए |
| सिक्का/बिस्किट |
कम |
हॉलमार्क देखना ज़रूरी |
BIS हॉलमार्क |
शगुन, छोटा निवेश |
| डिजिटल गोल्ड |
नहीं |
कंपनी पर भरोसा |
वित्तीय नियामक के बाहर |
बहुत छोटी रकम |
| गोल्ड ETF/फंड |
नहीं |
नहीं |
SEBI |
निवेश |
गहने खरीदते समय हॉलमार्क ज़रूर जाँचें
भारत में सोने के गहनों पर BIS हॉलमार्क और 6 अंकों का HUID नंबर होना ज़रूरी है। हॉलमार्क में तीन चीज़ें दिखती हैं: BIS का निशान, शुद्धता (जैसे 22K916 यानी 22 कैरेट) और HUID। आप सरकार के BIS Care ऐप में HUID डालकर गहने की जानकारी जाँच सकते हैं।
धनतेरस की खरीदारी में ये गलतियाँ न करें
- सिर्फ़ मुहूर्त के दबाव में ज़्यादा खरीदारी। बजट पहले तय करें।
- बिना बिल के खरीदना। बिल में वज़न, शुद्धता, सोने का भाव, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग लिखे हों।
- भाव की तुलना न करना। उस दिन का सोने का भाव 2-3 दुकानों पर पूछ लें।
- अनजान ऐप या स्कीम। सोने में दुगुना पैसा जैसे वादे वाली स्कीमों से दूर रहें।
- सारा पैसा सोने में। सोना पोर्टफोलियो का एक हिस्सा होना चाहिए, पूरा नहीं।
आखिरी बात
पहनने के लिए गहने, शगुन के लिए छोटा हॉलमार्क सिक्का और निवेश के लिए गोल्ड ETF या गोल्ड फंड, यह आसान फॉर्मूला ज़्यादातर लोगों के लिए ठीक बैठता है। कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अपनी ज़रूरत और जोखिम समझें और ज़रूरत हो तो किसी पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से बात करें।